हड़ताल का 5वां दिन: डॉक्टरों ने ममता का बातचीत का न्योता ठुकराया, कहा- मुख्यमंत्री माफी मांगें

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

कोलकाता. अस्पताल में हिंसा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में 11 जून से शुरू हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बातचीत के लिए न्योता दिया था, जिसे डॉक्टरों को ठुकरा दिया है। इससे पहले ममता ने कहा था कि डॉक्टर अपनी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटें, नहीं तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसी बयान को लेकर बंगाल जूनियर डॉक्टर जॉइंट फोरम नाराज है। उन्होंने ममता के सामने 6 शर्तें भी रखीं हैं। वहीं, दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल सरकार को मांगें मानने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंनेअनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की धमकी भी दी।

भाजपा का आरोप- ममता आरोपियों को बचा रहीं
बंगाल जूनियर डॉक्टर जॉइंट फोरम केप्रवक्ता अरिंदम दत्ता ने कहा, ''हम मुख्यमंत्री के न्योते पर सचिवालय में बैठक के लिए नहीं जाएंगे। वे खुद एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल आएं। यहां वे अपने उस बयान के लिए मांफी मांगें, जो उन्होंने एसएसकेएम अस्पताल में गुरुवार को दिया था।'' वहीं, बंगाल भाजपा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले आरोपी मुस्लिम समुदाय से हैं और ममता बनर्जी उनको बचाने की कोशिश कर रही हैं।

17 जून को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 14 जून से तीन दिनों तक देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन शुरू करने के साथ 17 जून को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। आईएमए ने अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ होने वालीहिंसा की जांच के लिए कानून बनाने की मांग की। संगठन का कहना है कि इसका उल्लंघन करने वालों को कम से कम 7 साल जेल की सजा का प्रावधान होना चाहिए।

डॉक्टरों की छह शर्तें

  1. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को डॉक्टरों को लेकर दिए गए बयान पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
  2. डॉक्टरों पर हुए हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी करना चाहिए।
  3. पुलिस की निष्क्रियता की जांच होनी चाहिए।
  4. डॉक्टरों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
  5. जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों पर लगाए गए झूठे आरोपों को वापस लिया जाना चाहिए।
  6. अस्पतालों में सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए।

अब तक 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके
बंगाल के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में 11 जून को जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट हुई थी। इसके बाद से जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब तक कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के 95, दार्जिलिंग में नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के 119 और सागर दत्ता मेडिकल कॉलेज के 18 डॉक्टरों समेत कई अस्पतालों के 300 डॉक्टर इस्तीफा दे चुके हैं। उनका कहना है कि वे हिंसा और धमकियों के माहौल में काम नहीं कर सकते।



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West Bengal junior Doctors Strike against violance in hospitals & cm mamata banerjee
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