रेलवे ने मसाज सेवा के प्रस्ताव को वापस लिया, सुमित्रा महाजन और इंदौर सांसद ने किया था विरोध
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नई दिल्ली. पश्चिम रेलवे ने इंदौर से चलने वालींट्रेनों में मसाज की सेवा का प्रस्ताव वापस ले लिया। पहले रेलवे ने इंदौर से चलने वालीं 39 ट्रेनों में मसाज सेवा शुरू करने की योजना बनाई थी। इसका इंदौर सांसद शंकर लालवानी और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने विरोध जताया था।
पश्चिम रेलवे के मुंबई हेडक्वार्टर ने बयान जारी कर कहा, ''इंदौर से चलने वालीं 39 ट्रेनों में यह सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रतलाम डिवीजन ने दिया था। जैसे ही पश्चिम रेलवे के अफसरों को इसके बारे में जानकारी हुई, प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया गया है।'' इंदौर पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन में आता है।
महाजन ने पूछा था- क्या सेवा शुरू करने के लिए रेलमंत्रालय से मंजूरी मिली?
सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर पूछा था कि रतलाम डिवीजन के प्रस्तावित फैसले को क्या रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी है। इस सुविधा के लिए ट्रेन में किस तरह की व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा एवं सहजता के बारे में कुछ सवाल हो सकते हैं।
मसाज सेवा भारतीय सभ्यता के खिलाफ- इंदौर सांसद
इससे पहले लालवानी ने रेल मंत्रालय को इस मामले में पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था, "ये सेवा हमारी भारतीय सभ्यता के खिलाफ है। महिलाओं के सामने इस तरह की सेवा शुरू करना गलत है।' उन्होंने सुझाव दिया था कि मसाज की जगह ट्रेनों में स्वास्थ्य संबंधी सुविधा होना चाहिए, जो यात्रियों के लिए आवश्यक है। हालांकि, इस पत्र के जवाब में रतलाम डिवीजन के मैनेजर ने कहा था कि मसाज सेवा पूरे शरीर के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सिर और पैर के लिए है।
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