मेहुल चौकसी के प्रत्यपर्ण के सिलसिले में सीबीआई, ईडी के अधिकारी वेस्टइंडीज जाएंगे
नई दिल्ली. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए सरकार ने कोशिशें तेजी कर दी हैं। न्यूज एजेंसी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से शनिवार को यह जानकारी दी। इसके मुताबिक सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी मेहुल चौकसी और जतिन मेहता के प्रत्यर्पण के सिलसिले में वेस्टइंडीज जाएंगे। इस मिशन के लिए एयर इंडिया का बोइंग विमान रिजर्व किया गया है।
चौकसी 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले में आरोपी है। वह एंटीगुआ की नागरिकता लेकर वहां रह रहा है। पिछले दिनों उसने भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी। विनसम डायमंड कंपनी का मालिक जतिन मेहता भी बैंक फ्रॉड का आरोपी है। वह कई साल पहले कैरेबियाई देश सेंट किट्स एंड नेविस की नागरिकता ले चुका है। उस पर 3,969 करोड़ रुपए के डिफॉल्ट का आरोप है।
सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी का कहना है कि मेहुल चौकसी और नीरव मोदी को भारत लाना इस मिशन का मुख्य लक्ष्य है। हालांकि, मोदी के यूरोप में होने की जानकारी है। इसलिए वेस्टइंडीज से लौटते वक्त जांच एजेंसियों के अधिकारी उसके प्रत्यर्पण के सिलसिले में कार्रवाई करेंगे।
नीरव और मेहुल के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है। ईडी ने भारत समेत दूसरे देशों में दोनों की करोड़ों रुपए की संपत्तियां भी अटैच की हैं। दोनों के खिलाफ मुंबई स्थित भगोड़ा अदालत में मामला चल रहा है। अदालत के नोटिस के जवाब में दोनों ने कहा था कि मॉब लिचिंग के खतरे की वजह से वो भारत नहीं आ सकते।
पिछले साल फरवरी में पीएनबी घोटाला सामने आया था। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी इससे पहले ही विदेश भाग गए थे। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रेडी हाउस ब्रांच के अधिकारियों की मिलीभगत से 13,700 करोड़ रुपए का घोटाला किया। 2011 से 2018 के बीच फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (एलओयू) के जरिए इन्होंने रकम हासिल की थी।
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