मुकेश अंबानी भारत के जेफ बेजोफ या जैक मा बनना चाहते हैं: द इकोनॉमिस्ट
नई दिल्ली. मुकेश अंबानी देश के पहले इंटरनेट टाइकून बनना चाहते हैं। मशहूर अंतरराष्ट्रीय पत्रिका द इकोनॉमिस्ट ने जनवरी के एडिशन में ऐसा कहा है। इसके मुताबिक मुकेश अंबानी जियो की सेवाओं के जरिए देश को बदल चुके हैं। अब वो जियो के जरिए ही भारत के जेफ बेजोस या जैक मा बनना चाहते हैं।
जेफ बेजोस अमेरिकी टेक और ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के सीईओ हैं। जैक मा चीन के अलीबाबा ग्रुप के चेयरमैन हैं। मुकेश अंबानी ने नेटवर्थ में पिछले साल जैक मा को पीछे छोड़ एशिया के सबसे बड़े अमीर बन गए थे।
द इकोनॉमिस्ट के मुताबिक टेलीकॉम में पैसा बनाने से ज्यादा मुकेश अंबानी की महत्वाकांक्षा टेक टाइकून बनने की है। रिलायंस कंटेंट क्रिएशन में भी निवेश कर रही है। उसने जियो टीवी पर क्रिकेट मैचों और डिज्नी फिल्मों के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स खरीदे हैं।
फॉरेन पॉलिसी मैग्जीन ने भी ताजा अंक में कहा है कि मुकेश अंबानी की नजर इंटरनेट और वीडियो स्ट्रीमिंग मार्केट पर है। उनका कंपीटीशन भारत की टेलीकॉम कंपनियों से नहीं बल्कि वो गूगल, नेटफ्लिक्स, स्पॉटीफाई और फेसबुक जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को टक्कर देना चाहते हैं।
मुकेश अंबानी ने 18 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात समिट में कहा था कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी। गुजरात से इसकी शुरुआत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि डेटा कॉलोनाइजेशन के खिलाफ कदम उठाए जाएं। अंबानी ने कहा था कि देश का डेटा देश में ही रहना चाहिए। इस पर बाहरी कंपनियों का नियंत्रण नहीं होना चाहिए।
काउंटरप्वाइंट की रिपोर्ट के मुताबिक जियो का फोन सभी तरह के हैंडसेट में टॉप पर आ गया है। 2018 में इसका 21% मार्केट शेयर हो गया। ऐसा पहली बार हुआ कि फीचर फोन की ग्रोथ स्मार्टफोन के मुकाबले ज्यादा रही। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जियो फोन की ग्रोथ 38% रही।
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