खेलों से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी भी सुधरती है...
खेल से व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्र से जुड़े फायदे भी होते हैं। इन फायदों को बताती रिसर्च रिपोर्ट...
- खेल से लोगों का साल में औसतन 1.94 लाख रु. तक का स्वास्थ्य संबंधी खर्च बचता है। 40% ज्यादा तंदुरुस्त हैं। सामान्य से 8% ज्यादा कमाई करते हैं।
- रैकेट खेलों से हृदयरोग से मौत का खतरा 56%, स्वीमिंग से 41%, एयरोबिक्स 36% और साइकिलिंग से 15% कम होता है। 5 साल तक उम्र बढ़ती है।
- खेलने वाले बच्चों का अंग्रेजी, गणित और साइंस में प्रदर्शन सामान्य बच्चों से दोगुना अच्छा होता है। बाधाएं सुलझाने के लिए दिमाग तेजी से सक्रिय होता है।
- 70% स्कूलों ने महसूस किया कि फिजिकल एजुकेशन से बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया। उनकी ना-नुकर करने की आदत कम हुई।
- ब्रिटेन में खेलों कोे बढ़ावा देने के लिए किक्ज प्रोग्राम शुरू किया। इससे क्राइम की घटनाएं एक साल में औसतन 2529 से घटकर 867 तक पहुंच गई।
- यूएन के मुताबिक 2030 तक गैर संक्रामक बीमारियों से देश पर 440 लाख करोड़ रु का अतिरिक्त बोझ आएगा। यह रकम मौजूदा बजट से 18 गुना ज्यादा है।
- सीआईआई रिसर्च के मुताबिक, पढ़ाई में खेल अनिवार्य होने से देश के 48 हजार करोड़ रु. सालाना बचेंगे। यह रकम मौजूदा एजुकेशन बजट के बराबर है।
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