वित्त मंत्री ने कहा- सीबीआई लक्ष्य से भटक कर जांच का दायरा बढ़ा रही
नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीडियोकॉन मामले में सीबीआई की जांच के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच एजेंसी लक्ष्य पर नजर रखने की बजाय इन्वेस्टिगेटिव एडवेंचर कर रही है। इस एडवेंचरिज्म और प्रोफेशनल जांच में आधारभूत अंतर है। जेटली ने शुक्रवार को फेसबुक ब्लॉग में यह बात कही। वो अमेरिका में इलाज करवा रहे हैं।
वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई द्वारा दिए गए 3,250 करोड़ रुपए के लोन मामले में सीबीआई ने गुरुवार को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के एमडी वेणुगोपाल धूत के नाम शामिल किए थे। सीबीआई ने कहा था कि वह आईसीआईसीआई बैंक के मौजूदा एमडी-सीईओ संदीप बख्शी और न्यू डेवलपेंट बैंक ऑफ ब्रिक्स के प्रमुख केवी कामथ समेत कई पूर्व और मौजूदा कर्मचारियों की भी जांच करेगी।
जेटली ने शुक्रवार को ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि मैंने जब आईसीआईसीआई मामले में जांच के दायरे में शामिल लोगों की लिस्ट पढ़ी तो लगा कि सीबीआई का लक्ष्य पर फोकस नहीं है। एडवेंचरिज्म मीडिया लीक को बढ़ावा देता है, इससे संबंधित लोगों की प्रतिष्ठा खराब होती है।
जेटली ने कहा कि देश में दोषियों को सजा दिलवाने की दर इसीलिए कम है क्योंकि प्रशंसा पाने के लिए जांचकर्ता पेशेवर तरीके को भूल जाते हैं। जांच एजेंसियों को मेरी सलाह ये है कि वो महाभारत के अर्जुन की तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहें।
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