झारखंड और राजस्थान के दो किस्से, जो महिलाओं की खेल में भागीदारी सशक्त बनाती हैं

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सचिन तेंडुलकर आज भास्कर के गेस्ट एडिटर हैं। वे चाहते हैं कि भारत खेलप्रेमी देश से खेलने वाला देश बने। उनके इस अभियान में हिस्सा लेते हुए भास्कर के पाठकों ने खेल से जुड़े लीक से हटकर किए काम और अनूठे अनुभव साझा किए। सचिन ने इनमें से 'खेल में महिला सशक्तिकरण' को बढ़ावा देने वाली इन दो ताकतवर कहानियों को पसंद किया...

  1. खेलों में पुरुषों के साथ महिलाओं की भागीदारी बेहद अहम है। इसी उद्देश्य को लेकर झारखंड में माटी फाउंडेशन ने समानता का संदेश देने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। फाउंडेशन ने 22 नवंबर 2018 को रांची के पांडाडीह गांव में 'माटी विलेज प्रीमियर लीग' का आयोजन करवाया। लीग में चार स्कूलों की टीमों के बीच 5 क्रिकेट मैच खिलाए गए।

    यह मैच इसलिए खास थे, क्योंकि यहां खेलने वाली हर टीम में चार-पांच लड़कियां भी थीं। इन्होंने न सिर्फ अच्छी बैटिंग की, बल्कि गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग भी की। जीत के इरादे से मैदान पर उतरीं मिश्रित टीमों ने मिलजुल कर बेहतर खेल भावना दिखाई। खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए कॉमेंट्री भी की गई। यह क्रिकेट लीग संभवत: देश में अपनी तरह की अनोखी लीग थी, जिसमें एक ही टीम में लड़के और लड़कियां दोनों थीं। इस अनोखे मैच को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों के लोग भी पहुंचे थे।- तरुण कुमार, रांची

  2. मैं जोधपुर के तिंवरी की गगाड़ी ग्राम पंचायत की सरपंच हूं। मेरी पंचायत में आने वाले गांवों की महिलाओं की जिंदगी घूंघट में गुजरने को मजबूर थी। उनका शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पा रहा था। बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा था। उनके लिए गांव में कोई विशेष आयोजन होना और उसे देखने जाना किसी बड़े सपने जैसा ही था। महिला सरपंच होने के नाते मैंने उनके इस दर्द को महसूस किया। उनसे बात की। पता चला अधिकांश महिलाएं मानसिक तनाव की शिकार हैं।

    दिनभर घर की चारदीवारी में कैद रहना इसका कारण था। इस बात के हल के तौर पर मैंने एक खेल आयोजन शुरू किया। ताकि महिलाएं मानसिक और शारीरिक तौर पर तंदुरूस्त रहेंं। आयोजन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लगभग सभी उम्र की महिलाएं शामिल थीं। इनमें भी कबड्डी और रस्साकसी में सबसे ज्यादा लोगों ने भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार भी दिया। इस आयोजन से लोगों की सोच में बदलाव आया है।- सुमन चौधरी, जोधपुर



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      रांची में लड़कों के साथ क्रिकेट खेलती लड़कियां।

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