नवीन पटनायक की बहन गीता ने पद्मश्री ठुकराया, कहा- चुनाव के चलते गलत संदेश जाएगा
भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बहन और लोकप्रिय लेखिका-फिल्मकार गीता मेहता (76) ने पद्मश्री पुरस्कार ठुकरा दिया। गीता ने बताया कि सम्मान ठुकराने का फैसला उन्होंने आगामी आम चुनाव को देखते हुए लिया। उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री देने का ऐलान किया गया था।
आम चुनाव के चलते उठ सकता है विवाद: गीता
गीता ने पुरस्कार ठुकराने की जानकारी एक प्रेस नोट के जरिए दी। इसमें उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए गर्व की बात है कि सरकार ने मुझे पद्मश्री के योग्य समझा, लेकिन दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि मैं यह अवॉर्ड लेने से इनकार कर रही हूं। इसकी वजह है कि देश में जल्द ही आम चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में इस समय सम्मान लेने से गलत संदेश जाएगा, जिससे मुझे और सरकार दोनों के लिए शर्मिंदगी की बात होगी।"
इसी बीच नवीन पटनायक ने बहन द्वारा पद्म पुरस्कार ठुकराए जाने पर बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने पद्म पुरस्कार पाने वाले ओडिशावासियों को बधाई दी।
अमेरिकी न्यूज चैनल के लिए रिपोर्टिंग भी कर चुकी हैं गीता
गीता मेहता को राज (1989), स्नेक्स एंड लैडर्स: ग्लिम्पसेस ऑफ मॉडर्न वर्ल्ड (1997) और इटरनल गणेश (2006) सरीखी किताबें लिखने के लिए जाना जाता है। उन्होंने करीब 14 डॉक्युमेंट्री भी बनाई हैं। इसके अलावा वे अमेरिकी चैनल एनबीसी के लिए कुछ समय युद्ध क्षेत्र में रिपोर्टिंग भी कर चुकी हैं।
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