तेल उत्पादक देश 12 लाख बैरल प्रति दिन उत्पादन घटाएंगे, पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है
विएना. कच्चे तेल की गिरती कीमतों को थामने के लिए तेल उत्पादक देशों का संगठन ओपेक और उसके सहयोगी देश उत्पादन में कटौती करेंगे। दो दिन तक चली बैठक में शुक्रवार को इस बात पर सहमति बनी कि उत्पादन 12 लाख बैरल प्रति दिन कम किया जाए।
ओपेक देश रोजाना 8 लाख बैरल तेल का उत्पादन घटाएंगे। रूस और अन्य सहयोगी देश उत्पादन में 4 लाख बैरल की कटौती करेंगे। साल 2019 के शुरुआती 6 महीने में यह कटौती की जाएगी। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान को प्रोडक्शन कम करने से छूट मिलेगी।
यह कटौती उम्मीद से काफी ज्यादा है, इसीलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें शुक्रवार को 5.4% तक बढ़ गईं। माना जा रहा है कि भारत पर भी इसका असर पड़ेगा। आने वाले दिनों में यहां पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।
ओपेक 15 देशों का संगठन है। इसमें शामिल देश दुनिया की जरूरत का 44% क्रूड सप्लाई करते हैं। सभी सदस्य देश मिलकर समय-समय पर उत्पादन बढ़ाने या घटाने का फैसला करते हैं। ताकि, कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। कई बार ओपेक पर तेल की कीमतों में जानबूझकर उतार-चढ़ाव लाने के आरोप भी लग चुके हैं।
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