अंतरिम बजट में आयकर छूट की लिमिट बढ़ने की चर्चा, एक्सपर्ट ने कहा- चुनावी साल में ऐसा संभव

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करेंगे। यह चर्चा है कि मिडिल क्लास को राहत देने के लिए सरकार टैक्स से जुड़ी रियायतें दे सकती है। इस बात के आसार हैं कि सैलरीड और पेंशनर्स के लिए टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाई जा सकती है। साथ ही टैक्स छूट पाने के लिए निवेश का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, पिछले 3 अंतरिम बजटों में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक जैन का कहना है कि भले ही सरकार अंतरिम बजट पेश करेगी लेकिन चुनाव नजदीक होने की वजह से टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। अंतरिम बजटों में पहले भी ऐसा हुआ है। अगर सरकार बदल भी जाएगी तो टैक्स छूट की लिमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि, कोई भी सरकार इसका दायरा घटाने का फैसला नहीं लेगी।

मौजूदा टैक्स स्लैब

सालाना आय टैक्स दर
2.5 लाख रुपए शून्य
2.5 लाख से 5 लाख रुपए 5%
5 लाख से 10 लाख रुपए 20%
10 लाख रुपए से ज्यादा 30%

उद्योगों की अपील- 5 लाख तक की आय टैक्स फ्री हो
उद्योग संगठन सीआईआई ने भी आयकर छूट की सीमा मौजूदा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की अपील की है। साथ ही बचत को प्रोत्साहन देने के लिए धारा 80सी के तहत डिडक्शन की सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए करने की अपील की है। अभी यह सीमा 1.5 लाख रुपए है। सीआईआई ने वित्त मंत्रालय को सौंपी बजट पूर्व सिफारिशों में ये सुझाव दिए।

टैक्स स्लैब पर सीआईआई का सुझाव

सालाना आय टैक्स दर
5 लाख रुपए शून्य
5 से 10 लाख रुपए 10%
10 से 20 लाख रुपए 20%
20 लाख रुपए से ज्यादा 25%

लोकसभा चुनाव की वजह से अंतरिम बजट
आम चुनाव के साल में सरकार अंतरिम बजट पेश करती है। यह बजट कुछ महीनों के सरकारी कामकाज चलाने के लिए होता है। नई सरकार बनने के बाद जुलाई में अनुपूरक बजट पेश किया जाता है जो बाकी वित्त वर्ष के लिए होता है।

आखिरी बार 2014 में पेश हुआ था अंतरिम बजट

चुनावी वर्ष किसने पेश किया अंतरिम बजट
2014 पी. चिदंबरम
2009 प्रणब मुखर्जी
2004 जसवंत सिंह


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वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)।

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