Sena Diwas 2019 Latest Update : इतिहास में पहली बार कोई महिला अफसर सेना की एक टुकड़ी को करेगी लीड,Army Chief सलामी

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नेशनल डेस्क. देश 15 जनवरी को हर साल की तरह आर्मी डे मनाने जा रहा है। इस मौके पर आर्मी सर्विस कोर पूरे 23 साल बाद फिर से आर्मी डे की परेड में शामिल होने जा रहा है। साथ ही पहली बार इस मौके पर आर्मी परेड का नेतृत्व एक महिला अफसर करेंगी। लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी आर्मी सर्विस कोर के 144 जवानों को लीड करेंगी। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत इनकी सलामी लेंगे। इसके अलावा दो और महिला अफसरों की भूमिका इस आर्मी डे पर खास होने वाली है।

3 महिला अफसरों के लिए खास है ये दिन

पहली बार महिला अफसर परेड को करेगी लीड
- लेफ्टिनेंट कस्तूरी ने बताया, पहली बार एक महिला अफसर किसी सैन्य दल को परेड के लिए लीड कर रही है। इस बार एक लेडी अफसर कमांड देगी और 144 जवान उस कमांड पर आगे बढ़ेंगे और ये बहुत गर्व की बात है।
- लेफ्टिनेंट कस्तूरी ने 2015 में अफसर के पद सेना में भर्ती हुई थीं। इससे पहले वो नेशनल कैडेट कॉर्प्स में थी। एनसीसी के लिए आर्मी में स्पेशन एंट्री एग्जाम होते हैं। उन्होंने ये परीक्षा दी और पूरे देश में चौथी रैंक हासिल की।

कैप्टन सुरभि बाइक पर दिखाएंगी स्टंट
- ये सला दो और महिला अफसरों के लिए खास होने वाला है। कैप्टन शिखा सुरभि ऐसे पहली महिला अफसर हैं, जिन्होंने पहली बार आर्मी की डेयरडेविल्स टीम में जगह बनाई है।
- कैप्टन शिखा गणतंत्र दिवस की परेड में मशहूर डेयरडेविल्स टीम के पुरुष अफसरों के साथ आर्मी डे पर बाइक पर स्टंट करती दिखाई देंगी। इस टीम ने अब तक 24 वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं।
- सुरभि ने कहा, मुझे शुरू से बाइकिंग का शौक रहा है लेकिन नॉर्मल बाइक चलाने और इस तरह बाइक पर स्टंट करना बिल्कुल अलग है। इसके लिए हमें बेसिक ट्रेनिंग दी गई है।

कैप्टन भावना स्याल के इसलिए है खास
- इनके अलावा कैप्टन भावना स्याल के लिए भी इस बारक आर्मी डे खास होने वाला है। भावना आर्मी की सिगनल्स कोर से है और वो ट्रांसपोर्टेबल सैटेलाइट टर्मिनल के साथ परेड पर भारतीय सेना की ताकत दिखाएंगी।
- कैप्टन भावना स्याल कहता है कि यह मशीन डिफेंस कम्युनिकेशन नेटवर्क का हिस्सा है। यह सिर्फ आर्मी को ही नहीं, बल्कि तीनों सर्विस आर्मी, नेवी, एयरफोर्स के इंटीग्रेशन का काम करता है। इसके साथ ही वॉइस डाटा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग फेसिलिटी देती है।


क्यों मनाया जाता है 'आर्मी डे'
साल 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। वो भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ बने। हर साल आर्मी डे पर जवानों के दस्ते और अलग-अलग रेजिमेंट की परेड होती है और झांकियां निकाली जाती हैं।



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