आपके बच्चे के फोन में तो नहीं है PUBG... इसे खेलने वाला खुद को पहुंचा रहा नुकसान, फिटनेस ट्रेनर भी खो चुका मानसिक संतुलन; एक्सपर्ट ने बताई इसके पीछे की वजह
न्यूज डेस्क। देश में हर साल कुछ ऐसे गेम चर्चा में रहते हैं जो लोगों की मौत की वजह बन जाते हैं। इनमें पोकेमोन (Pokemon), ब्लू व्हेल (Blue Whale), मोमो आंटी (Momo) जैसे गेम शामिल रहे हैं। ये सभी मोबाइल गेम थे, जिन्हें खेलने वाले कई लोगों ने जान गवां दी। अब इस लिस्ट में पबजी (PUBG) का नाम भी शामिल हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के एक फिटनेस ट्रेनर ने लगातार 10 दिन पबजी खेला। इस वजह से उसने अपना मानसिक संतुलन खो दिया। बता दें, पबजी दुनिया का पांचवां सबसे ज्यादा बिकने वाला गेम है।
ऐसे खेला जाता है PUBG
PUBG ऑनलाइन गेम है, इसे मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर खेला जा सकता है। फोन पर इस गेम को इन्स्टॉल करने के लिए 2GB स्पेस होना जरूरी है। गेम के अंदर 100 प्लेयर्स को एक आईलैंड पर पैराशूट की मदद से उतारा जाता है। यहां उन्हें गन ढूंढकर दुश्मनों को मारना होता है। गेम की लास्ट स्टेज पर जो बच जाता है वो विनर बनता है। इसे 4 लोग ग्रुप बनाकर भी खेल सकते हैं। लास्ट स्टेज में बचने वाले सभी लोग विनर बन जाते हैं।
गेम खेलने वाले प्लेयर को इसकी लत लग जाता है। जिसके चलते वो इसे नॉनस्टॉप खेलना चाहता है। यही वजह है कि गेम दिमाग पर सीधा असर करता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस (NIMHANS) में 120 से भी ज्यादा ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए, जिनमें बच्चों के मेंटल पर PUBG गेम का विपरीत प्रभाव देखा गया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोई टिप्पणी नहीं