मरीजों के फीडबैक के पैमाने पर एम्स टॉप-10 में भी नहीं, वाराणसी जिला अस्पताल सबसे फिसड्डी
नई दिल्ली (पवन कुमार). हर आम और खास इलाज के लिए दिल्ली स्थित एम्स आना चाहता है, लेकिन इलाज करवाने वाले मरीज यहां की व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। मरीजों के फीडबैक के पैमाने पर दिल्ली एम्स देश के टॉप-10 अस्पतालों में भी शामिल नहीं है। जिला अस्पतालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का श्री शिव प्रसाद गुप्ता डिविजनल डिस्ट्रिक्ट अस्पताल फीडबैक में सबसे फिसड्डी है।
पुडुचेरी स्थित जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जीपमर) के इलाज और व्यवस्था से मरीज सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं। सर्वे में शामिल 37% मरीजों ने कहा कि वह इलाज और दूसरी व्यवस्थाओं से बहुत संतुष्ट हैं।
38% ने कहा कि संतुष्ट हैं, जबकि 25% मरीज संतुष्ट नहीं थे। संतुष्ट नहीं होने वाले मरीजों में से 39% ने कर्मचारियों के व्यवहार, 13% ने गंदगी, 17% ने मंहगा इलाज और 31% ने कुछ अन्य कारण बताए।जो मरीज कर्मचारियों के व्यवहार से खुश नहीं थे, उनमें से 43% डॉक्टरों और 17% मरीजों को नर्सों का व्यवहार ठीक नहीं लगा।
राज्य सरकार के अस्पताल -टॉप-5
तमिलनाडु-जिला अस्पताल मेटुर डम
तमिलनाडु-जिला अस्पताल नामाक्कल
तमिलनाडु-जिला अस्पताल इरोड
कर्नाटक-जिला अस्पताल उडुप्पी
कर्नाटक-लेडी गोश्चन अस्पताल
बॉटम-5
यूपी-श्री शिव प्रसाद गुप्त डिविजनल जिला अस्पताल, वाराणसी।
बिहार-सदर अस्पताल, मुंगेर
यूपी-डिस्ट्रिक्ट मेल अस्पताल, बस्ती
यूपी-डिस्ट्रिक्ट मेल अस्पताल, फैजाबाद
यूपी- डिविजनल डिस्ट्रिक्ट अस्पताल, आजमगढ़
ऐसे तय हुई रैंकिंग : अप्रैल, 2018 से दिसंबर तक केंद्रीय व जिला अस्पतालों में इलाज के लिए आए मरीजों से फीडबैक के आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह रैंकिंग तैयार की है। देशभर से सर्वे में शामिल अस्पतालों में सात करोड़ 21 लाख मरीज पहुंचे। इनमें से कुछ से मोबाइल पर फीडबैक लिया गया था।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोई टिप्पणी नहीं