देश ने विकसित की बाॅर्डर मैनेजमेंट तकनीक, सीमा पार के घरों में रखी जा सकेगी नजर-केंद्रीय मंत्री
बेंगलुरु. भारत ने एक ऐसी बाॅर्डर मैनेजमेंट तकनीक विकसित कर ली है, जिससे सीमा पार स्थित घरों में वर्चुअल नजर रखी जा सकेगी। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि पहली बार इस प्रोजेक्ट को पाकिस्तान से लगी सीमा पर शुरू किया जा चुका है। मंगलवार को इसरो (इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गनाइजेशन) के कार्यक्रम उन्नति (यूनीस्पेस नैनोसैटेलाईट असेंबली,ट्रेनिंग डेवलपमेंट) में आए जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें गर्व है कि हम इस तरह की तकनीक का प्रयोग बार्डर मैनेजमेंट में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्नति से 45 देशों के 90 प्रतिनिधिमंडल लाभान्वित होंगे।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्पेस तकनीक आज हर घर में पहुंच चुकी है। लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल लोकेशन का पता लगाने में करते हैं। ट्रैफिक जाम के दौरान भी लोग तकनीक की मदद लेते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा था कि क्या स्पेस तकनीक से पास में स्थित शौचालय का पता लगाया जा सकता है? मंत्री ने बताया कि उन्होंने तब जवाब दिया था कि ये चीज संभव है।
इसरो के प्रमुख के. सिवन ने बताया कि उन्नति कार्यक्रम 3 चरणों मेंचलाया जाएगा। इसमें कुल 3 बैच होंगे। पहले बैच में 17 देशों के 30 प्रतिभागी शामिल होंगे। मंगलवार से ये शुरू हो चुका है। इसके तहत नैनोसैटेलाईट को विकसित, असेंबल करने का तरीका बताया जाएगा। हर बैच 8 सप्ताह तक चलेगा। इसमें नैनोसैटेलाईट की थ्यौरी को बताया जएगा।
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