पाक उच्चायोग से 23 भारतीयों के पासपोर्ट गायब, धार्मिक यात्रा पर जाने के लिए मांगा था वीजा
नई दिल्ली. पाक उच्चायोग से 23 भारतीयों के पासपोर्ट गायब हो गए हैं। इन्होंने पाकिस्तान में धार्मिक यात्रा में जाने के लिए वीजा मांगा था। भारतीय विदेश मंत्रालय को भी पासपोर्ट गायब होने की रिपोर्ट मिली है। मंत्रालय ने उच्चायोग से इस मामले में जरूरी कार्यवाही करने के लिए कहा है। इन लोगों ने एजेंट के जरिए वीजा हासिल करने के लिए आवेदन दिया था।
Sources: MEA has received reports of passports of 23 Indians who had applied for Pakistan visa, going missing. They had reportedly applied for Pakistani visa for a religious visit, through an agent. MEA has written to the passport issuing authority to take necessary action
— ANI (@ANI) December 15, 2018
गायब पासपोर्ट सिखों तीर्थयात्रियों के बताए जा रहे हैं। ये लोग पाक के करतारपुर समेत अन्य गुरुद्वारों में तीर्थयात्रा पर जाना चाहते थे। भारत और पाकिस्तान सरकार ने पिछले महीने ही करतारपुर कॉरिडोर बनाए जाने पर सहमति जताई थी।
पासपोर्ट के गायब होने को लेकर कई सिखों ने एफआईआर भी दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। पाक सरकार ने गुरु नानक देव जी की 549वीं जयंती समारोह में शामिल होने के लिए 21 से 30 नवंबर तक 3800 भारतीय सिखों को वीजा जारी किया था।
उधर, पाक ने पासपोर्ट गायब होने में अपने अफसरों के जिम्मेदार होने से इनकार किया है। वहीं दिल्ली के एक पासपोर्ट एजेंट का दावा है कि उसने 23 लोगों को दस्तावेज पाक उच्चायोग में जमा किए थे।
एजेंट ने भारतीय अफसरों के बताया कि जब वह उच्चायोग में पासपोर्ट लेने गया तो उसे वहां के अफसरों ने कहा कि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है। भारतीय अफसरों ने इसे गंभीर मुद्दा बताया। पासपोर्ट का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए पाक से जरूरी कदम उठाने के लिए कहा।
सरकार के 100 दिन पूरे होने पर इमरान खान ने 28 नवंबर को पाक की तरफ वाले करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था। इसमें भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, हरदीप सिंह पुरी और पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हुए थे। 29 नवंबर को पाक के विदेश मंत्री कुरैशी ने बयान दिया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुगली फेंकी और भारत को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन में शामिल होना पड़ा।
सुषमा ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान के विदेश मंत्री महोदय- आपके गुगली वाले बयान से आश्चर्यजनक रूप से सब उजागर हो गया। यह दिखाता है कि पाक सिखों की भावनाओं की कद्र नहीं करता। आप केवल गुगली फेंकते हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि भारत कैसे आपकी गुगली में नहीं फंसा? हमारे दो सिख मंत्री करतारपुर गुरुद्वारे में अरदास करने गए थे।''
भारत ने आरोप लगाया कि कॉरिडोर के मुद्दे पर पाक नकारात्मक प्रोपैगेंडा फैला रहा है। पाक ने कहा कि कॉरिडोर खोलने का फैसला सिखों की भावनाओं और अगले साल गुरु नानक की 550वीं जयंती को ध्यान में रखकर लिया गया। उम्मीद है कि कॉरिडोर से भारत-पाक के संबंध सुधरेंगे।
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