320 फीट गहरी अवैध कोयला खदान में दो दिन से फंसे हैं 13 मजदूर, खदान में 70 फीट की गहराई तक भरा है पानी
शिलॉन्ग. मेघायल में पानी से भरी 320 फीट गहरी अवैध कोयला खदान में 13 मजदूर दो दिन फंसे हुए हैं। इन्हें बाहर निकालने के लिए शुक्रवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन में 100 लोग लगाए गए हैं। खदान से लगातार पंप के जरिए पानी निकाला जा रहा है। फिर भी 70 फीट की गहराई तक इसमें पानी भरा हुआ है। रेस्क्यू टीम और डाइवर्स की टीम एक पानी से भरी खदान में मजदूरों की तलाश भी कर आई लेकिन उन्हें कोई सुराग नहीं मिला। ऐसे में अफसरों को इनके बचने की गुंजाइश वक्त के साथ कम होती दिख रही है।
रेस्क्यू टीम को आ रही ये दिक्कतें
- घटना मेघालय के रिमोट एरिया ईस्ट जेंतिया हिल्स में एक अवैध कोयला खदान की है। पुलिस अफसर सिलवेस्टर नौंगटन्गर ने बताया कि बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसा लगता है कि खदान में तीन-चार दिन पहले ही दोबारा खनन का काम शुरू किया था।
- शुक्रवार सुबह से रेस्क्यू के लिए 100 लोग मौके पर तैनात हैं। इसमें नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और सिविल डिफेंस के लोग शामिल हैं।
- एनडीआरएफ और डाइवर्स की एक टीम बोट की मदद से पानी से भरी इस खदान में भी दाखिल हुई थी और उन्होंने अपनी पहुंच के सभी एरिया में मजदूरों की तलाशी भी की।
- हालांकि, खदान में अंधेरे, कीचड़ और कोयले की डस्ट के चलते रेस्क्यू टीम के लिए सर्च ऑपरेशन और भी ज्यादा चैलेंजिंग हो गया है।
- इसके साथ ही खदान की बनावट भी मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। ये अलग-अलग चैंबर में बंटी है, जिसे समझना मुश्किल है। वहीं खदान का कोई मैप या प्लान भी मौजूद नहीं है।
- हालांकि, पुलिस अफसर ने कहा कि हमारा पहला काम फंसे लोगों को बचाना है और इसके लिए कोशिशें लगातार जारी हैं लेकिन पानी का स्तर कम नहीं हुआ है।
- बता दें, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 17 अप्रैल 2014 से राज्य में असुरक्षित तरीके से चल रहे कोयला खनन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
सीएम ने क्या कहा ?
राज्य के सीएम कोनार्ड संगमा ने कहा, हमारा पूरा ध्यान उस इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन पर है। हमे उसकी चिंता है। एनडीआरएफ की टीम और पुलिस इस ऑपरेशन को लीड कर रही है। हम मानते हैं कि राज्य में अवैध खदाने चल रही हैं। हम इनके खिलाफ कदम उठाएंगे। ये काम हमें कतई मंजूर नहीं।
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