छत्तीसगढ़ और राजस्थान के सीएम पर पेंच, फैसला आज
जयपुर/रायपुर.छत्तीसगढ़ और राजस्थान का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फसला अबशुक्रवार को होगा। करीब 2 दिन की माथापच्ची के बाद भी आलाकमान दोनाें राज्यों केमुख्यमंत्री तय नहीं कर पाया। जयपुर में गहलोत और सचिन पायलट के समर्थक उनके घरों के बाहर जमे रहे। छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री की चयन प्रक्रिया को लेकर टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के समर्थकों के बीच गहमागहमी रही।
आधी रात तक पायलट-गहलोत से मिलते रहे राहुल
राजस्थान को लेकर रात तक राहुल-पायलट-गहलोत की मुलाकातों का दौर चलता रहा। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा-अब शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा होगी। इससे पूर्व सुबह से शुरू हुआ सियासी ड्रामा आधी रात तक चलता रहा। गहलोत और पायलट के समर्थक दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन करते रहे। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर बैठकों का दौर चलता रहा। नामों के ऐलान से पहले यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी राहुल से मिलने उनके घर पहुंचीं। प्रियंका वाड्रा भी बैठक में रहीं। गुरुवार दोपहर गहलोत के समर्थकों ने एयरपोर्ट पर नारेबाजी की।
नाम तय करने के लिए सोनिया-प्रियंका पहुंचीं राहुल के घर
- सुबह 8 बजे : पायलट-गहलोत दिल्ली रवाना।
- 8:50 बजे : दिल्ली पहुंचे गहलोत बोले-'अंतिम निर्णय राहुल गांधी को लेना है।'
- 11:35 बजे : दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हुए सचिन पायलट के समर्थक।
- दोपहर 12:10 बजे : राहुल गांधी और पर्यवेक्षकों के बीच चल रही बैठक खत्म हुई।
- 12:26 बजे : पायलट राहुल के घर पहुंचे।
- 12:35 बजे : अशोक गहलोत भी राहुल गांधी से मिलने के लिए उनके घर पहुंच गए।
- 01:02 बजे : राहुल से मुलाकात के बाद सचिन पायलट वहां से निकल गए।
- 01:10 बजे : अशोक गहलोत भी राहुल गांधी के घर से बाहर निकले।
- 04:02 बजे : राहुल गांधी के घर पहुंचीं सोनिया गांधी।
- 04:30 बजे : प्रियंका गांधी वाड्रा भी राहुल के आवास पर पहुंचीं।
- 04:50 बजे : खबरें चलीं कि कांग्रेस गहलोत को सीएम बनाना चाहती है लेकिन पायलट डिप्टी सीएम पद के लिए तैयार नहीं हैं।
- शाम 06:50 बजे : सचिन पायलट ने कहा- मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि अफवाहों के आधार पर खबरें न चलाएं।
- 07:00 बजे : जयपुर लौटने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे अशोक गहलोत को राहुल गांधी ने वापस बुलाया।
- 11:50 बजे : गहलोत राहुल से मिलकर लौटे। इससे पहले 11:30 बजे सचिन करीब एक घंटे राहुल से बात कर लौटे थे।
पायलट के पक्ष में बेनीवाल बोले : गहलोत सीएम तो विरोध करेंगे
- रालोपा के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने वीडियो जारी करके कहा कि अगर गहलोत सीएम बने तो उनका जमकर विरोध करेंगे। विधानसभा के अंदर हम करेंगे और बाहर हमारी टीमें विरोध करेगी । सचिन सीएम पद के लिए सही व्यक्ति हैं।
- एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की है। उन्होंने कहा- ऐसा नहीं हुआ एनएसयूआई जिला स्तरों पर प्रदर्शन करेंगे।
गहलोत के पक्ष में निर्दलीय रामकेश मीणा बोले : मेरा गहलोत को समर्थन
- गंगापुर सिटी से निर्दलीय विधायक रामकेश मीणा ने गहलोत के पक्ष में उतरते हुए कहा-गहलोत मुख्यमंत्री बनते हैं तो मेरा खुला समर्थन रहेगा।
- दूदू से निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने कहा- अगर गहलोत सीएम नहीं बने तो मैं भी कांग्रेस से नहीं जुडुंगा। निर्दलीय विधायक महादेव सिंह खंडेला ने कहा, 'राजस्थान की जनता चाहती है कि अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बनें। दो और निर्दलीय कांतिलाल मीणा, राजकुमार गौड़ भी गहलोत के पक्ष में आ गए।
दौसा, करौली, सवाई माधोपुर में प्रदर्शन, जाम
प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर सस्पेंस जारी है। गुरुवार को पूरे दिन चले नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट या अशोक गहलोत में से किसी के नाम का ऐलान मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं किया जा सका। हालांकि सुबह से ही खबरें चल रही थी कि अशोक गहलोत को सीएम बनाने के लिए संकेत दिया जा चुका है। शाम सात बजे अशोक गहलोत, पर्यवेक्षक केसी वेणु गोपाल, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, चारों सह प्रभारियों को दिल्ली एयरपोर्ट से आलाकमान ने वापस बुला दिया, जिसके बाद सस्पेंस और बढ़ गया। उधर गहलोत को सीएम बनाए जाने की चल रही सूचना मिलने से पूर्वी राजस्थान के कई जिलों के हाइवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
सचिन पायलट का ट्वीट : शांति रखें
पायलट ने शाम साढ़े पांच बजे ट्वीट कर सभी कार्यकर्ताओं से शांति एवं अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया। कहा कि मुझे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर पूरा विश्वास है। राहुल गांधी एवं सोनिया गांधी जो फैसला लेंगे उसका स्वागत करेंगे। पार्टी की गरिमा बनाये रखना हम सभी की जिम्मेदारी। इसके एक घंटे बाद फिर से ट्वीट किया कि मीडिया से आग्रह है कि अफवाहों को न प्रदर्शित करें।
सचिन पायलट
- सबसे बड़ी ताकत : पार्टी को राजस्थान में 21 के आंकड़े से 100 पर पहुंचाया
- सचिन पायलट राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। उन्हें कमान तब मिली, जब पार्टी राजस्थान में 21 सीटों पर थी। इस आकंड़े को उन्होंने सौ सीटों तक पहुंचाया है।
- पायलट दौसा-अजमेर से सांसद रह चुके हैं। केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं। पहली बार विधानसभा चुनाव में लड़े और 54 हजार वोट से जीते।
- सचिन पायलट ने पिछले पांच साल में जितने भी चुनाव हुए और उपचुनाव हुए, उन सभी में कांग्रेस को जीत दिलाई। नई पहचान कायम की। कुल मिलाकर- युवा चेहरे के रूप में उनकी परफॉर्मेंस अच्छी रही है।
अशोक गहलोत
- सबसे बड़ी ताकत : दो बार सीएम, गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ काम
- अशोक गहलोत दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 1998 से 2003 और 2008 से 2013 के बीच। चार बार सांसद और दो बार केन्द्रीय मंत्री। दो बार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
- गहलोत उन नेताओं में हैं, जिन्हाेंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और राहुल गांधी...यानी गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ काम किया है।
- गहलोत ने राज्य के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी काम किया है। गुजरात, कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को नया रूप दिया। चुनावी रणनीति पर काम किया। कुल मिलाकर- अनुभवी चेहरे के नाम पर पार्टी में सबसे आगे हैं।
रायपुर में विधायकों से ली रिपोर्ट
गुरुवार देर शाम राहुल गांघी ने खड़गे और पुनिया से बुधवार को रायपुर में विधायकों से हुई रायशुमारी की रिपोर्ट ली। राहुल ने शक्ति एप के जरिए प्रदेश के कार्यकर्ताओं से मिली राय का भी आकलन किया। खबर के मुताबिक खड़गे के फीडबैक और शक्ति एएप की रिपोर्ट मेल न खाने पर राहुल ने दोबारा रायशुमारी का फैसला किया। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को 10:30 बजे पुन: प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और सीएम पद के दावेदार भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, डॉ. चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू को दिल्ली बुलाया है।
भूपेश के बंगले में विवाद, कांग्रेसी भिड़े
मुख्यमंत्री की चयन प्रक्रिया के बीच टीएस सिंहदेव व भूपेश बघेल के बंगलों पर समर्थकों की गहमागहमी रही। समर्थक नारेबाजी करते रहे और आतिशबाजी की। बघेल के बंगले पर कार्यकर्ताओं में हाथापाई हो गई। प्रत्यदर्शियों के अनुसार एक कार्यकर्ता ने जातीय टिप्पणी की, उसके पीछे बैठे उसी जाति के कार्यकर्ता ने आपत्ति जताई। दोनों में मुंहवाद हुआ और भिड़ गए। लड़ने वाले दूर-दराज के थे, इसलिए उनकी पहचान नहीं हो सकी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोई टिप्पणी नहीं