एनजीटी ने स्टरलाइट कॉपर प्लांट को खोलने के आदेश दिए, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी तमिलनाडु सरकार

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चेन्नई. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने तूतीकोरिन में वेदांता ग्रुप की स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने के तमिलनाडु सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है। एनजीटी ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सहमति और प्राधिकरण के नवीनीकरण का एक नया आदेश तीन हफ्ते में जारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने शनिवार को कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

  1. इस साल मई में तूतीकोरिन में कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें 13 लोगों की जान गई थी। घटना के तुंरत बाद ही सरकार ने प्लांट को हमेशा के लिए बंद करने के आदेश दिए थे। आदेश में पर्यावरण और पानी को लेकर बनी राज्य की नीतियों का हवाला दिया गया था।

  2. एनजीटी के जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच ने कहा कि वेदांता अपने परिचालनों के लिए बिजली का इस्तेमाल कर सकता है। कंपनी को आने वाले तीन सालों में कल्याणकारी योजनाओं पर 100 करोड़ रुपए खर्च करने को कहा है। इसमें जल आपूर्ति, अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाए और कौशल विकास जैसी परियोजनाओं शामिल होंगी।

  3. इस साल मई में स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने के लिए लोगों ने 99 दिनों तक प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि फैक्ट्री इलाके में प्रदूषण फैला रही है। यहां धातु गलाने के साथ कॉपर का काम होता है, जिससे जहरीले रसायन का प्रदूषण हर ओर फैल रहा है और ये जानलेवा है।

  4. इस फैक्ट्री में धातु गलाया जाता है और एक साल में चार लाख टन तांबे का तार बनता है। कंपनी की नई प्लानिंग के मुताबिक वो हर साल 80 हजार टन तांबे के तार का प्रोडक्शन करना चाह रही थी। इसके लिए कंपनी ने हाल ही में शहर में अपनी एक और यूनिट शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बाद से ही विरोध शुरू हो गया था। मद्रास हाईकोर्ट ने कंपनी की सेकंड यूनिट को बनाने पर रोक लगा दी थी।



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      NGT orders reopening of Vedanta's Sterlite plant

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