बेटों को बहन का प्यार देने को मां ने चुराई 3 दिन की बच्ची
नीरज आर्या (नई दिल्ली).किसी की गोद सूनी रहने पर या बेटे की चाहत को पूरा करने के लिए बच्चा चोरी की तमाम घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। मंदिर मार्ग इलाके में कलावती अस्पताल से एक महिला ने 3 साल की बच्ची को सिर्फ इसलिए अगवा कर लिया, ताकि उसके दो बेटों को बहन की कमी महसूस ना हो।
यह बात महिला के लिव-इन पार्टनर को पंसद नहीं आई।इसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंच गया। बच्ची की बॉडी पर अस्पताल का टेप भी मिला। इससे महिला पुलिस को गुमराह नहीं कर सकी। बच्ची को अगवा करने के इल्जाम में महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी महिला की पहचान नांगल राय क्षेत्र निवासी मधु (30) के तौर पर हुई। उधर, पुलिस ने बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया है।
महिला ने पहले चार्जर मांगा, फिर नवजात को खिलाने लगी
नई दिल्ली डिस्ट्रिक के सीनियर पुलिस अफसर ने बताया कि कलावती अस्पताल में गुलशन खातून (27) ने बच्ची को जन्म दिया। 11 दिसम्बर को यह बच्ची 3 दिन की हो गई। जच्चा-बच्चा दोनों अस्पताल में थे। दिन में आरोपी महिला ने गुलशन खातून के पास आकर मोबाइल का चार्जर मांगा। चार्जर नहीं मिलने पर आरोपी महिला वार्ड में नवजात बच्चों को खिलाने लगी। उसी समय खातून को आंख चैक कराने ओपीडी जाना था। उसने छोटे बेटे से कहा कि वह बच्ची का ख्याल रखे। ये बातें सुन आरोपी महिला फिर खातून के पास आई। कहा बच्ची को अकेले मत छोड़ो। वह बच्ची को साथ लेकर डॉक्टर के पास चलती है। दोनों ओपीडी पहुंच गईं। जब खातून डॉक्टर रूम में गई तभी पीछे से आरोपी महिला बच्ची को लेकर खिसक गयी। जब खातून को आरोपी महिला गायब मिली। बच्चा गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई। मंदिर मार्ग थाना पुलिस ने पीड़ित महिला से बात की। इस घटना की बाबत किडनैपिंग का केस दर्ज किया गया।
2 शादियां कर चुकी है महिला, अब लिव-इन में रहती है
बच्ची की खोजबीन और मामले की तफ्तीश शुरू हुई। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी गई। पुलिस ने फुटेज चेक करने पर पाया कि आरोपी महिला उस रास्ते से बच्ची को लेकर लेडी हार्डिंग की ओर गई थी, जो आम लोगों के लिए नहीं है। आरोपी महिला के दो बेटे हैं- एक 7 वर्ष का और दूसरा 12 वर्ष का। उसने दो शादियां की हैं और दोनों पतियों को छोड़ तीसरे आदमी के साथ लिव-इन में नांगल राय एरिया में रह रही है। नवजात बच्ची को इस तरह से लेकर आने पर लिव-इन पार्टनर ने विरोध जताया। नौबत झगड़े तक पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस को बुला लिया गया। महिला ने पुलिस के सामने बच्ची को अपनी बेटी बताया। नवजात के शरीर डॉक्टर द्वारा लगाई गई टेप मिली। अस्पताल और पुलिस रिकॉर्ड चेक करने पर महिला की सारी चालाकी धरी रह गई। इस केस में उसे गुरुवार रात अरेस्ट कर लिया गया।
बेटों को रक्षाबंधन पर बहन की कमी खलती थी
आरोपित महिला ने खुलासा किया कि उसके बेटों को रक्षाबंधन और भाईदूज पर बहन की कमी खलती थी। कोई बेटी नहीं होने पर उसने इस बच्ची को अगवा किया, ताकि बेटों को बहन का प्यार मिल सके। शुरू में पुलिस को लगा कि बच्ची के अपहरण का यह केस किसी बच्चा चोर गैंग से जुड़ा हो सकता है, लेकिन महिला से की गई पूछताछ में ऐसा नहीं मिला।
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