10 एजेंसियों को मिले निजी कंप्यूटर की जांच के अधिकार, कांग्रेस ने बताया निजता पर हमला
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 10 प्रमुख सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को यह अधिकार दे दिया है कि वो किसी के भी व्यक्ति या संस्था के कंप्यूटर में मौजूद डेटा की जांच कर सकेंगी। इस फैसले की वजह देश की सुरक्षा बताई जा रही है। गृह मंत्रालय की ओर जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, प्रमुख एजेंसियां किसी भी व्यक्ति के कंप्यूटर में जेनरेट, ट्रांसमिट, रिसीव और स्टोर किए गए किसी दस्तावेज को देख सकेंगी। यह अधिकार आईटी एक्ट की धारा-69 के तहत दिया गया है।
MHA: Competent authority hereby authorizes the following security and intelligence agencies (in attached statement) for purposes of interception, monitoring and decryption of any information generated, transmitted, received or stored in any computer resource under the said act pic.twitter.com/3oH9e7vv6T
— ANI (@ANI) December 21, 2018
इन 10 एजेंसियों को मिला कंप्यूटर की जांच का अधिकार
- इंटेलीजेंस ब्यूरो
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
- प्रवर्तन निदेशालय
- सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज
- डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस
- सीबीआई
- एनआईए
- कैबिनेट सचिवालय (रॉ)
- डायरेक्टोरेट ऑफ सिग्नल इंटेलीजेंस
- दिल्ली पुलिस कमिश्नर
जनता की निजता पर हमला: कांग्रेस
केंद्र सरकार के इस फैसले को कांग्रेस ने लोगों की निजता पर हमला बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि अबीजेपी के नारे की तर्ज पर ही अटैक करते हुए कहा कि अबकी बार,निजता पर वार! जनता की जासूसी=मोदी सरकार की निन्दनीय प्रवृत्ति!
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