नीदरलैंड: साइकिलों की संख्या लोगों से ज्यादा, चलाने के लिए टैक्स में छूट दे रही सरकार
एम्सटर्डम. ईंधन से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल कम करने के लिए नीदरलैंड साइकिलिंग प्रमोट कर रहा है। देश की कुल आबादी इस वक्त करीब 1.7 करोड़ है, जबकि साइकिलों की संख्या करीब 2.3 करोड़ है। ऐसे में सरकार अब अपने रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने में जुटी है। इसके लिए 39 करोड़ डॉलर (करीब 2700 करोड़ रुपए) खर्च किए जा रहे हैं, ताकि अगले 3 साल में 2 लाख लोगों के साइकिल इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा सके। इसके अलावा सरकार साइकिल से ऑफिस जाने वालों को टैक्स में प्रति किलोमीटर के हिसाब से 0.22 डॉलर (15 रुपए) की छूट भी दे रही है।
नीदरलैंड पहले ही साइकिल को बढ़ावा देने में कई यूरोपीय देशों से आगे है। इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट पॉलिसी एनालिसिस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में करीब 37% लोग छुट्टी के दिनों में साइकिल इस्तेमाल कर रहे थे, जबकि काम पर जाने के लिए सिर्फ 25% लोग ही साइकिल का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में माना जा रहा है कि नीदरलैंड सरकार अब ज्यादा से ज्यादा लोगों को पैसे के जरिए कार से साइकिल पर लाना चाहती है।
नीदरलैंड के 11 बड़े नौकरी देने वाले संस्थान साइकिलिंग की आदत को बढ़ावा देने के लिए साइकिलों को फाइनेंस भी करते हैं। सरकार ने ज्यादातर संस्थानों से साइकिल से ऑफिस आने वालों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने की अपील की है। इनमें बेहतर पार्किंग और ऑफिस में ही शॉवर से नहाने की सुविधा एक है।
नीदरलैंड को आज साइकिलिंग कल्चर के लिए जाना जाता है। लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। यूनिवर्सिटी ऑफ एम्सटर्डम में अर्बन साइकिलिंग इंस्टीट्यूट की शोधकर्ता मेरेडिथ ग्लासर कहती हैं- 1960-70 के दशक में डच शहरों में कार और साइकिल रखने के लिए इमारतों में ज्यादा जगह नहीं होती थी।
ग्लासर के मुताबिक- 1980 और 90 के दशक में साइकिलिंग और पैदल चलने को लेकर सरकार की तरफ से पॉलिसी लाई गई। कई इवेंट्स ने भी साइकिलिंग को प्रमोट करने का काम किया। वहीं, 1960 के दशक में सामाजिक आंदोलन, 70 के दशक में तेल की कमी और पड़ोसी देशों में साइकिलिंग के लिए फ्री वे के निर्माण ने नीदरलैंड में साइकिलिंग को प्रमोट किया।
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