जियोनी ने कोर्ट में दिवालिया अर्जी दाखिल की, जुए में 10 हजार करोड़ रु हार गए थे चेयरमैन
बीजिंग. चीन की स्मार्टफोन कंपनी जियोनी ने गुरुवार को शेनझेन की अदालत में दिवालिया अर्जी दाखिल की। कंपनी पर 648 कर्जदारों के 21,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। उधर, जियोनी के फाउंडर और चेयरमैन लियु लिरॉन 10080 करोड़ रुपए जुए में हार गए थे। पिछले महीने उन्होंने खुद यह बात स्वीकार की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लिरॉन ने कहा था कि साल 2013 से 2015 के बीच जियोनी को हर महीने 100 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। पिछले 2 साल में यह नुकसान बढ़कर दोगुना हो गया।
जियोनी पिछले कई महीनों से अपने सप्लायर को भुगतान नहीं कर पा रही थी। इसलिए सप्लायर कंपनियां जियोनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने का दबाव डाल रही थीं।
साल 2002 में जियोनी की शुरुआत हुई थी। भारत में इसने 2012 में एंट्री की थी। इस साल फरवरी तक जियोनी ने देश में 42,000 स्टोर और 600 सर्विस सेंटर और 1.25 करोड़ का कस्टमर बेस होने का दावा किया था।
पिछले कुछ सालों तक चीन और भारत में यह प्रमुख स्मार्टफोन ब्रांड कंपनी थी। साल 2016 में इसने दोनों देशों में 4 करोड़ फोन बेचे। पिछले साल चीन में स्मार्ट फोन की बिक्री में जियोनी छठे नंबर पर रही थी। काउंटरप्वाइंट की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में जियोनी की बिक्री सालाना आधार पर 90% घटकर 1.50 लाख यूनिट रह गई थी।
जियोनी ने अप्रैल में कहा था कि वह भारत में इस साल 650 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। क्योंकि, वह यहां टॉप-5 स्मार्टफोन ब्रैंड्स में शामिल होना चाहती है।
कंपनी ने इस साल अप्रैल में जियोनी एफ205 और जियोनी एस11 लाइट फोन लॉन्च करने के साथ भारतीय बाजार में वापसी की थी। ये दोनों मोबाइल सेल्फी के शौकीन लोगों को ध्यान में रखते हुए लॉन्च किए गए थे।
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