राहुल ने जस्टिस लोया-सोहराबुद्दीन समेत 7 नाम शेयर किए, लिखा- इन्हें किसी ने नहीं मारा, खुद मरे हैं
नई दिल्ली. सोहराबुद्दीन एनकांउटर मामले में सभी 22 आरोपियों को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट द्वारा बरी करने के एक दिन बार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। राहुल ने ट्वीट में हरेन पंड्या, तुलसीराम प्रजापति, जस्टिस लोया, प्रकाश थोम्बरे, श्रीकांत खांडलकर, कौशर बी और सोहराबुद्दीन के नाम लिखे हैं। उन्होंने लिखा कि 'इन सभी को किसी ने मारा नहीं है, ये खुद मरे हैं।'
राहुल की लिस्ट में शामिल हरेन पंड्या गुजरात के गृहमंत्री थे। उन्हें सन् 2003 में मार दिया गया था। लिस्ट में एक नाम सीबीआई कोर्ट के जस्टिस लोया का भी है। इनकी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। जस्टिस लोया सोहराबुद्दीन शेख मामले की जांच सुनवाई कर रहे थे।
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में वर्तमान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी शामिल था। शाह को सन् 2014 में कोर्ट ने बरी कर दिया था। सोहराबुद्दीन का जिस समय एनकाउंटर हुआ था, तब अमित शाह गुजरात के गृह मंत्री थे।
कोर्ट के फैसले से सोहराबुद्दीन के परिवार में बचे एकलौते भाई रुबाबुद्दीन भी खुश नहीं थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था, अगर उनके भाई की हत्या के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है तो उन्हें इस निष्कर्ष पर पहुंचना होगा कि सोहराबुद्दीन ने खुद अपनी जान ले ली। उन्होंने कहा कि जब बोम्बे हाई कोर्ट ने छह आरोपियों को बरी कर दिया था तभी वह अपनी उम्मीद खो चुके थे।
रुबाबुद्दीन ने कहा, 'आरोपियों के खिलाफ बहुत से सबूत थे। मैंने भी कोर्ट में कई सबूत पेश किए, लेकिन इन सबूतों को नहीं माना। ऐसा लगता है कि मेरे भाई ने खुद अपनी जान ले ली।
सोहराबुद्दीन को अहमदाबाद के पास पुलिस ने एनकाउंटर में मारा था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तयैबा के लिए काम करता था। सोहराबुद्दीन पर आरोप था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तब गुजरात के मुख्यमंत्री) को मारने का प्लान भी बना रहा था।
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