मंत्रिमंडल के नाम तय करने के लिए तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे, एक से दो दिन में हो सकता है ऐलान

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नई दिल्ली. मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की शपथ के चार दिन बाद भी मंत्रिमंडल को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल के संभावित नामोंकी सूची लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रिमंडल के नामों पर मंथन किया जाएगा। माना जा रहा है कि अगर नामों पर एकराय बन जाती है तो सोमवार तक मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 25 दिसंबर की शाम से 30 दिसंबर तक बाहर रहेंगी। ऐसे में संभावना है कि इससे पहले मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई जा सकती है।

राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए हैं।जबकि उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पहले से ही वहां मौजूद हैं। शुक्रवार को राहुल, गहलोत और पायलट मंत्रियों के नामों पर मंथन करेंगे। अगर नामों पर एकराय बन जाती है तो सोमवार तक मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष बनाने के लिए भी राहुल के स्तर पर ही कोई फैसला हो सकता है। बैठक में यह भी स्पष्ट होगा कि सीएम व डिप्टी सीएम के बीच किस तरह से अधिकारों का बंटवारा होगा या नहीं होगा।

15-20 मंत्री ले सकते हैं शपथ: राजस्थान में 15 से 20 मंत्री को पहले चरण में शपथ दिलाई जा सकती है। इसके बाद जरूरत के मुताबिक मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। गहलोत और पायलट के साथ ही प्रदेश के कई नेताओं ने मंत्री बनने के लिए दिल्ली में डेरा डाल दिया है। उनकी ओर से केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर लाबिंग का काम किया जा रहा है, जिससे कैबिनेट में उनका नाम आ सके। मंत्रिमंडल की शपथ ग्रहण को लेकर पहले 24 दिसंबर के दिन के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन जिस तरह से कांग्रेस में सीएम और डिप्टी सीएम के दो धड़े नजर आ रहे हैं लगता नहीं कि 24 को शपथ ग्रहण समारोह हो पाएगा। पिछली कांग्रेस सरकार में भी मंत्रिमंडल गठन में 11 दिन का समय लगा था। हालांकि 2013 में वसुंधरा सरकार में भी चुनाव परिणाम आने के 12 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन हुआ था।

मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री कमलनाथ भी दिल्ली पहुंच गए हैं। वह शुक्रवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक एके एंटनी से मिलकर मंत्रिमंडल के नामों पर विचार करेंगे। इसके बाद नामों की सूची राहुल गांधी को देंगे। वे इन नामों पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इससे पहले कमलनाथ ने गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सत्र को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 15वीं विधानसभा का पहला सत्र नए साल में 7 जनवरी से शुरू होगा। 8 जनवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा।

20-22 मंत्रियों के नाम ले सकते हैं शपथ: राज्य में पहली बार में 20 से 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर राहुल ही लगाएंगे। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए वरिष्ठता के साथ ही जातिगत समीकरण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही, ज्योतिरादित्य, दिग्विजय के खास माने जाने वाले चेहरों को भी जगह दी जा सकती है। कमलनाथ ने कहा है कि नए चेहरों को जगह नहीं दी जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के लिए होने वाली जद्दोजहद कुछ कम हो सकती है।

छत्तीसगढ़: मंत्रिमंडल के लिए दिल्ली में माथापच्ची
छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरूवार रात दिल्ली रवाना हो गए हैं। एयरपोर्ट पर बघेल ने कहा कि उम्मीद है कि जब दिल्ली से लौटूंगा तो मंत्रिमंडल की सूची हाथ में होगी। सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा। अभी कोई लिस्ट लेकर नहीं जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल को लेकर पार्टी हाईकमान से चर्चा करेंगे,और वहीं लिस्ट फाइनल होगी। बताया गया है कि राजभवन और जीएडी 23 को कैबिनेट शपथ कराने की तैयारी कर रहा है।

10 मंत्री लेंगे शपथ: बघेल ने एयरपोर्ट पर कहा कि सारे विधायक अनुभवी है। 68 विधायकों में से सिर्फ 13 को ही मंत्री बनाने की बाध्यता है, जिसमें अभी 10 विधायकों को मंत्री बना सकते हैं। वरिष्ठ विधायकों में सत्यनारायण शर्मा, रविन्द्र चौबे और मोहम्मद अकबर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसके साथ ही, आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के सदस्यों को मंत्रिमंडल में बराबर महत्व मिलेगा। एक महिला विधायक को भी मंत्री बनाजा जा सकता है।



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