मुख्यमंत्री भूपेश पुनिया और वोरा से मिले, फैसला आज राहुल गांधी करेंगे

http://bit.ly/2AbmWFj

रायपुर.कांग्रेस में कैबिनेट गठन के लिए माथापच्ची बढ़ रही है। दिल्ली पहुंचे सीएम भूपेश बघेल ने मंत्रिमंडल गठन के लिए शुक्रवार दोपहर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और मोतीलाल वोरा से मिले। उनके साथ विधायक सत्यनारयण शर्मा, अमरजीत भगत, जयसिंह अग्रवाल और सलाहकार राजेश तिवारी, विनोद वर्मा और रुचिर गर्ग भी थे।

वहीं, मंत्री के लिए दर्जनभर विधायक पहले से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को शिमला से लौटकर मंत्रियों के नाम फाइनल कर सकते हैं। भूपेश गुरुवार को ही कह चुके कि वे मंत्रियों की लिस्ट लेकर ही लौटेंगे। बघेल रविवार लौट सकते हैं। बघेल मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद यादव से भी मिले।

संवैधानिक बाध्यताकरा रही मशक्कत
भूपेश 68 में से सिर्फ 13 विधायकों को ही मंत्री बना सकते हैं। इनमें से खुद भूपेश बतौर सीएम और टीएस सिंहदेव व ताम्रध्वज साहू मंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं। अब बचे 10 मंत्री पद। 68 विधायकों में से 20 तो ऐसे हैं जो 2 से 8 बार चुने गए हैं। भाजपा के दिग्गजों को हराकर पहली बार के विधायक भी मंत्री बनने की दौड़ लगा रहे हैं, कुछ को राहुल गांधी ने भरोसा भी दिया है।

...और राजनीतिक उलझन

कांग्रेस को बस्तर संभाग से 11 सीट मिली हैं। इसलिए बस्तर से दो और 20 सीटों वालेे सरगुजा से कम से कम 5 मंत्री बनाने का दबाव है। पर ये फिलहाल संभव नहीं।

बघेल कर रहे इन 3 बातों पर विचार

  1. दिल्ली में एक चैनल से भूपेश ने कहा कि राज्य में हम 13 से ज्यादा मंत्री नहीं बना सकते। क्योंकि, विधानसभा में सदस्यों की संख्या का 15 फीसदी ही मंत्री बनाने का नियम है। 15 फीसदी की इस संवैधानिक बाध्यता को खत्म कर 20 फीसदी किया जाना चाहिए। भूपेश ने कहा कि वे जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग करेंगे कि तमिलनाडू में जनसंख्या के आधार पर 38 मंत्री बनाए गए हैं। जबकि, उस राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल छत्तीसगढ़ से कम है। लिहाजा क्षेत्रफल के आधार पर छत्तीसगढ़ में मंत्री बनाए जाने चाहिए। पर इसके लिए संविधान संशोधन करना होगा। एक राज्य को अनुमति नहीं मिल सकती।
  2. हर संभाग से तीन-तीन मंत्री बनाए जाएं। पर दुर्ग संभाग से सीएम स्वयं और ताम्रध्वज मंत्री हैं, इसलिए वहां से या तो केवल एक या किसी को मंत्री न बनाया जाए।
  3. कुछ विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें बड़े बजट या हाईप्रोफाइल माने जाने वाले निगम-मंडलों में अध्यक्ष बनाया जाए। इससे असंतोष कम हो जाएगा।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Cabinet decision will be done today by Rahul Gandhi

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.