पैसेंजर्स से भरी बस पर हमला करने जा रही थी भीड़, तभी इनका पीछा करते पहुंचा पुलिसवाला और 150 लोगों की भीड़ को खदेड़ने लगा, दे रहा था एक ही वॉर्निंग

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मदुरै. तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक सब इंस्पेक्टर मोहन अय्यर की बहादुरी की तारीफ हो रही है। बीजेपी के प्रदर्शनकारी केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (केएसआरटीसी) की बस पर हमला कर रहे थे। पर सब इंस्पेक्टर मोहन ने इनका पीछा करते हुए इन्हें मौके से खदेड़ दिया। उन्होंने भीड़ को एक भी पब्लिक प्रॉपर्टी को हाथ न लगाने की वॉर्निंग दी और कहा कि वो कोई भी तोड़फोड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। भीड़ को वॉर्निंग देते उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। बता दें, केरल के सबरीमाला में दो महिलाओं के प्रवेश के विरोध में ये प्रदर्शन हो रहा था।

प्रदर्शनकारियों से एसआई ने क्या कहा?
- एसआई मोहन ने बुधवार शाम 6 बजे पैसेंजर बस पर हमला करने जा रहे प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए कहा, ''अगर तुम इंसान हो तो बस को छूने की हिम्मत भी नहीं करना। किसी भी नागरिक और पब्लिक प्रॉपर्टी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुझे इसके लिए दूसरे ट्रांसफर का भी सामना करना पड़े, तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है।''

इस वजह से हो रहा था प्रदर्शन
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबरीमाला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश के विरोध में गुरुवार को केरल में बंद बुलाया गया था।
- इसी दौरान करीब 150 की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता कन्याकुमारी के केलियाक्काविलाई में शाम 5 बजे पर इंटर-स्टेट बॉर्डर पर जमा हो गए और बस सर्विस रोक दी।
- इसके बाद एसआई मोहन 20 पुलिसवालों की टीम के साथ प्रदर्शनकारियों को रोका और समझाया कि वो ट्रैफिक को नुकसान पहुंचाए बिना प्रदर्शन करें।
- इतना ही नहीं, एसआई ने हमलावरों का पीछा करते हुए उन्हें मौके से खदेड़ दिया। इसके बाद 5.45 बजे बस को छोड़ा गया और यहां पर 6 बजे तक प्रदर्शन बंद हो गया।

पुलिसवाले की हो रही तारीफ
- एसआई मोहन की इस बहादुरी की पुलिस के आला अधिकारी और मिनिस्टर तारीफ कर रहे हैं। इसके बाद ही केएसआरटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर तोमिन जे थाचन्करी ने भी कॉलकर पैसेंजर्स और बस की सुरक्षा करने को लेकर मोहन की तारीफ की।
- एमडी तोमिन ने कहा कि केरल में इस हड़ताल के चलते उनकी 100 बसों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन मोहन यहां बसों को नुकसान पहुंचने से बचा लिया। तोमिन ने उसे कैश प्राइज दिया और केरल सरकार से प्रशस्ति प्रमाण पत्र देने की सिफारिश की है।

कई अफसरों ने दिखाई बहादुरी
- वहीं, इसे लेकर खुद एसआई मोहन का कहना है कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया और वहां कई सीनियर पुलिस अफसर थे, जिन्होंने इससे भी ज्यादा बहादुरी भरा काम किया।
- मोहन के मुताबिक, ये हमारे काम का एक हिस्सा है। मुझे नहीं पता किसने ये वीडियो रिकॉर्ड और कैसे ये वायरल हो गया। उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज के चलते वहां पर हालात बिगड़े थे। सिर्फ वॉर्निंग से ही हालात को काबू में किया जा सकता था।



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