एक लाख रु तक की धोखाधड़ी के मामलों की अलग जांच होगी, सरकार-आरबीआई कर रहे काम
नई दिल्ली. एक लाख रुपए तक की धोखाधड़ी की जांच के लिए सरकार रिजर्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रही है। यह धोखाधड़ी इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी हैं। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। आरबीआई, बैंकों के जरिए इनका पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
18महीने में फ्रॉड के 2,980 मामले सामने आए
चालू वित्त वर्ष (2018-19) की पहली छमाही, यानी अप्रैल-सितंबर के दौरान तक डेबिट-क्रेडिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी के 921 मामले सामने आए। इनमें लोगों को 40.34 करोड़ का नुकसान हुआ। 2017-18 में ऐसे 2,059 मामलों में 109.56 करोड़ का नुकसान हुआ था।
आईटी मंत्री ने कहा, डेटा चोरी से निपटने फाइनेंशियल डेटा प्रोटेक्शन बिल का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट का डेटा भी शामिल है। भारतीयों का डेटा चुराने पर इसमें सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोई टिप्पणी नहीं