पाकिस्तान में हिन्दुओं की पिटाई का एक वीडियो हो रहा वायरल, शेयर करते हुए लिखा- देखो, पाकिस्तान में क्या होता है हिंदुओं के साथ ?

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नेशनल डेस्क. पाकिस्तान में कथित तौर पर हिंदुओं की पिटाई का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया है कि देखें पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ क्या होता है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस वीडियो की पड़ताल की गई तो पाया गया कि इस वीडियो को गलत तरीके और बेबुनियाद दावों के साथ पेश किया जा रहा है। असल में ये वीडियो पाकिस्तान के फैसलाबाद का ही है, लेकिन ये अल्पसंख्यक हिन्दुओं की पिटाई से जुड़ा बिल्कुल भी नहीं है।

गलत ढंग से किया प्रचारित
- इस वीडियो को भाजपा मिशन 2019 नाम के एक फेसबुक पेज ने भी दो दिन पहले पोस्ट किया था। सिर्फ फेसबुक पर ही 34 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है और 15 लाख से अधिक बार देखा गया है।
- इस वीडियो में पाकिस्तान की एलीट फोर्स के जवान पहले एक घर में घुसते दिखाई देते हैं। फिर वो कुछ लोगों पर लाठी लेकर टूट पड़ते हैं और उनकी पिटाई करने लगते हैं।
- इनमें से कई लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है कि अगर 2019 में नरेंद्र मोदी को नहीं लाओगे तो भारत में भी हिंदुओं का ऐसा ही हाल होगा।

पड़ताल की हुई शुरुआत
- बीबीसी ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो ये पाकिस्तान के फैसलाबाद का निकला, लेकिन ये अल्पसंख्यक हिंदुओं की पिटाई का नहीं है।
- रिवर्स सर्च में पता चला कि इस वीडियो की इंटरनेट पर मौजूद सबसे पुरानी पोस्ट 5 अक्टूबर 2014 की है। इसे बिलाल अफगान नाम के एक शख्स ने अपने पर्सनल यू-ट्यूब पेज पर पोस्ट किया था।
- उन्होंने लिखा था आम नागरिकों को उनके घर में घुसकर पीटती पाकिस्तान पुलिस। उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी धर्म का जिक्र नहीं किया था।
- इसके बाद इसके शिया न्यूज एसोसिएशन ने नवंबर 2014 में एक वीडियो स्टोरी की, जिसका शीर्षक था, अफगान शरणार्थियों के साथ बर्बर सुलूक करती पाकिस्तान पुलिस'।
- हालांकि, जब इस बारे में पड़ताल की गई तो पता चला कि ये वीडियो अफगान शरणार्थियों के साथ हुई बदसलूकी और हिंसा का भी नहीं था और न ही वीडियो में दिख रहे लोग अफगान के थे।

सामने आया वीडियो का सच
- बीबीसी की पड़ताल में पता चला कि असल में ये वीडियो मई या जून 2013 का है। ये घटना पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मौजूद फैसलाबाद में हुई थी, जहां एलीट फोर्स के जवानों ने जबरन लोगों ने घरों में घुस-घुसकर पीटा था।
- फैसलाबाद में बिजली की किल्लत शुरुआत से रही है लेकिन 2013 में हालात बहुत ज्यादा खराब थे। लोगों को दिन में 14 से 15 घंटे बिना बिजली के रहना पड़ता था।
- इसे लेकर शहर में कई प्रदर्शन हुए और गुस्साए लोगों ने एक पेट्रोल पंप समेत सार्वजनिक संपत्ति का भी नुकसान कर दिया था। इसी के जवाब में पुलिस घरों में घुसकर इनकी पिटाई की थी।
- उस वक्त पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शाहबाज शरीफ मुख्यमंत्री थे। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की थी और इस पर पुलिस विभाग से रिपोर्ट मांगी गई थी।
- इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को महिलाओं से बदसलूकी के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था। वहीं जिन परिवारों की पिटाई हुई वो स्थानीय मुस्लिम परिवार थे।



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