सुप्रीम कोर्ट में आज हो सकती है सुनवाई, नई बेंच के पास भेजा जा सकता है केस

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नई दिल्ली. अयोध्या विवाद परसुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई कर सकता है। मामला चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच के सामने सूचीबद्ध है, जो इसे उचित बेंच के पास भेज सकती है। नई बेंच ही इस पर आगे की सुनवाई तय करेगी। इससे पहले इस मामले में अक्टूबर में सुनवाई हुई थी।

नई बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट के सितंबर 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई करेगी। इस मामले में पहले पूर्व चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही थी, ऐसे में शुक्रवार को दो सदस्यीय बेंच के सामने इस पर विस्तृत सुनवाई के आसार नहीं हैं।

लोकसभा चुनाव की वजह से मंदिर पर राजनीति गरमाई

लोकसभा चुनाव नजदीक होने की वजह से राम मंदिर मुद्दे पर राजनीति भी गरमा रही है। केंद्र में एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि अगर 2019 चुनाव से पहले मंदिर नहीं बनता तो यह जनता से धोखा होगा। इसके लिए भाजपा और आरएसएस को माफी मांगनी पड़ेगी। उधर, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने अध्यादेश लाने का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में सभी पक्षों को सुप्रीम कोर्ट का ही आदेश मानना चाहिए। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि कोर्ट का फैसला आने के बाद मंदिर मुद्दे पर अध्यादेश लाने पर विचार किया जा सकता है।

क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला?
हाई कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 30 सितंबर, 2010 को 2:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर-बराबर बांट दिया जाए. इस फैसले को किसी भी पक्ष ने नहीं माना और उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में ये केस बीते 8 साल से है।



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