हाईकोर्ट का केंद्र और राज्य सरकार को आदेश- 21 जनवरी तक बताएं कि कब तक बनेगी पूरी सड़क
पटना.मधेपुरा से सुपौल के बीच एनएच 106 की बदहाली व अधूरे निर्माण को लेकर स्वतः दायर हुई जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट में शुक्रवार को विस्तृत सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एपी शाही की खंडपीठ ने केंद्र व राज्य सरकार से पूछा कि यह पूरी सड़क कब तक बन जाएगी? दोनों सरकारों को 21 जनवरी तक जवाब देना है। कोर्ट ने सरकारों से कहा कि सड़क निर्माण के दौरान धूल नहीं उड़ने तथा आसपास के वातावरण के प्रदूषित नहीं होने की गारंटी दें। कोर्ट ने उन दोनों निर्माण कंपनियों को भी नोटिस देने का आदेश दिया, जिनकी ठेकेदारी में एनएच 106 का निर्माण कार्य चलता रहा है।
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चीफ जस्टिस ने गुरुवार को खुद इस सड़क की दुर्दशा कोर्ट रूम में सुनाई थी। उन्हीं के निर्देश पर इसे जनहित याचिका में बदला गया। खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान निर्माण कार्य के सभी कागजात देखे। हैरानी जताई कि जिस सड़क का काम इस वर्ष पूरा होना था, उसमें केवल 14 % काम हुआ है। तीन महीने से तो काम ही ठप है।
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एक कंपनी गई तो दूसरे को मिला ठेका
केंद्र की तरफ से एडिशनल सॉलीसिटर जनरल सत्यदर्शी संजय ने कहा कि एनएच का निर्माण करने वाली कंपनी हैदराबाद की है। अंदरुनी स्थिति खराब होने से वह निर्माण कार्य बीच में छोड़ चली गई। इसके बाद दूसरी कंपनी ने ठेका लिया है। -
देरी को लेकर सरकार उठा रही है कड़े कदम : महाधिवक्ता
राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि सड़क निर्माण में हो रही देरी को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। -
धूल रोकने का उपाय क्यों नहीं किया जाता?
चीफ जस्टिस ने यात्रा के अनुभव को फिर बताया। कहा-'मैंने वहां एक भी टैंकर नहीं देखा, जिससे पानी छिड़क कर धूल उड़ने से रोका जाए। ऐसा तब है, जब निर्माण संविदा साफ तौर पर निर्माण के समय धूल उड़ने से बचाव का निर्देश देती है। फिर धूल रोकने का उपाय क्यों नहीं होता?'
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