माकपा और भाजपा नेताओं के घर पर बम से हमला, अब तक 1700 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

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तिरुवनंतपुरम. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में केरल में हो रहे प्रदर्शन शुक्रवार रात तेज हो गए। माकपा के थालासेरी से विधायक एएन शमसीर के घर पर देर रात बम से हमला किया गया। इससे पहले शुक्रवार को ही भाजपा सांसद वी मुरलीधरन, माकपा के कन्नूर जिला सचिव पी साई और पार्टी कार्यकर्ता विशक के घरों पर भी बम फेंके गए।

माकपा ने अपने नेताओं के घरों पर हुए हमलों के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं भाजपा ने अपने नेताओं पर हो रहे हमलों के लिए माकपा के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया।

मोदी का केरल दौरा टला
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्य में रविवार को होने वाला दौरा टाल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में भाजपा के एक स्थानीय वरिष्ठ नेता के हवाले से यह जानकारी दी गई। भाजपा नेता ने कहा, ''पीएम की पठानमथिट्टा यात्रा 6 जनवरी को कुछ अन्य व्यस्तताओं के कारण स्थगित कर दी गई है। इसका मौजूदा स्थिति से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हम इस स्थिति को और बढ़ाना नहीं चाहते हैं।''

गुरुवार रात श्रीलंकाई महिला ने किया था मंदिर में प्रवेश
केरल के सबरीमाला मंदिर में श्रीलंका की 46 साल की एक महिला ने भी प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन उसे सीढ़ियों पर ही रोक दिया गया। महिला का कहना है कि उसने अपने रजोनिवृत्त होने का मेडिकल प्रमाण पत्र भी दिया, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

जनवरी को 2 महिलाओं ने किए थे भगवान अयप्पा के दर्शन
केरल के सबरीमाला मंदिर में बुधवार तड़के 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं- बिंदु और कनकदुर्गा ने प्रवेश किया था। इसके बाद मंदिर का शुद्धिकरण किया गया। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने महिला श्रद्धालुओं को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे।

800 साल से चली आ रही प्रथा
28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिला को प्रवेश देने की इजाजत दी थी। इस फैसले के खिलाफ केरल के राजपरिवार और मंदिर के मुख्य पुजारियों समेत कई हिंदू संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। हालांकि, अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले यहां 10 से 50 साल उम्र की महिला के प्रवेश पर रोक थी। यह प्रथा 800 साल पुरानी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्यभर में विरोध हुआ।

आदेश के बाद 3 बार खुला मंदिर
आदेश के बाद 16 नवंबर को तीसरी बार मंदिर खोला गया। मंदिर 62 दिनों की पूजा के लिए खुला, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी विरोध के चलते 1 जनवरी तक कोई महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई थी।



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Sabarimala issue : bjp leaders and cpm houses attacked with bombs 1700 agitators arrested so far, Sabarimala vivad g

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