2019 नहीं साल 2011 चल रहा है इस देश में, लोगों ने मनाया Happy New Year 2011; JNU प्रो. ने बताया क्यों दुनिया से 8 साल पीछे है ये देश
ट्रैवल डेस्क। दुनिया के तमाम देशों में साल 2019 शुरू हो चुका है और हम 1 जनवरी को न्यू ईयर सेलिब्रेट कर चुके हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक देश ऐसा भी है, जहां अभी 2019 नहीं बल्कि 2011 ही चल रहा है। ये है अफ्रिका का दूसरा सबसे ज्यादा पॉपुलेशन वाला देश इथोपिया। इस देश की पॉपुलेशन करीब 10 करोड़ है। बाकी दुनिया से इथोपिया सिर्फ 7 साल पीछे ही नहीं है बल्कि यहां इम्पोर्टेंट डेज भी अलग तारीखों में सेलिब्रेट किए जाते हैं। जैसे, न्यू ईयर 1 जनवरी को नहीं बल्कि 11 सितंबर को सेलिब्रेट किया जाता है।
दुनिया से 7 साल पीछे क्यों हैं इथोपिया?
- जेएनयू (नईदिल्ली) के सेंटर फॉर अफ्रिकन स्टेडीज (स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टेडीज) के प्रोफेसर अजय कुमार दुबे ने बताया कि इथोपिया में कॉप्टिक कैलेंडर को फॉलो किया जाता है। जबकि पूरी दुनिया ग्रेगेरियन कैलेंडर को फॉलो करती है। ग्रेगेरियन कैलेंडर में साल 365 दिनों का होता है, वहीं लीप ईयर (हर चार साल में आने वाला एक साल) 366 दिनों का होता है। कॉप्टिक कैलेंडर को फॉलो करने के चलते ही इथोपिया बाकि देशों से इतने सालों पीछे है।
- इथोपिया ने कभी भी अपने ट्रेडीशन से समझौता नहीं किया। किसी दूसरे देश ने इस देश पर राज भी नहीं किया। इस कारण भी इथोपिया किसी के प्रभाव में नहीं आया और स्वतंत्र तौर पर अपना ट्रेडीशन फॉलो करता रहा। यह देश पहले रसिया से प्रभावित रहा है।
- अपने ट्रेडीशन के हिसाब से ही इन्होंने कॉप्टिक कैलेंडर को अपनाया है। दरअसल ग्रिगेरियन कैलेंडर को 1582 में पोप ग्रेगोरी ने बनाया था। उन्होंने इसके पहले इस्तेमाल किए जा रहे जूलियन कैलेंडर में कई बदलाव किए। ऐसे कई देश जो कैथोलिक चर्च प्रभुत्व में थे उन्होंने ग्रेगोरियन कैलेंडर को एक्सेप्ट कर लिया। इसी दौरान कई देशों ने इसका विरोध भी किया।
- उनका आरोप था कि जूलियन कैलेंडर के 11 दिन नए कैलेंडर में ड्रॉप किए गए। लंदन की सड़कों पर इसे लेकर विरोध भी हुआ। इन देशों ने 1752 तक ग्रेगोरियन कैलेंडर को स्वीकार्य नहीं किया। सोवियत यूनियन भी 1918 तक अलग रहा।
- इथोपिया ने जीसस का बर्थ 7BC में माना और उसी साल से दिनों की गिनती शुरू की। वहीं दूसरे कैलेंडर में जीसस का बर्थ AD1 में बताया गया। यहीं से कैंलेडर में डिफरेंस आ गया। इसी के चलते इथोपिया का कैलेंडर 7 से 8 साल पीछे है।
13 महीने का होता है इथोपियन कैलेंडर
- इथोपियन कैलेंडर में 13 महीने होते हैं। इसमें से 12 महीने 30 दिनों के होते हैं। आखिरी महीने में 5 दिन कॉमन ईयर के और (6 दिन लीप ईयर के) के होते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर में कुछ महीने 30 से कम के भी होते हैं और कुछ महीने 30 से ज्यादा के भी होते हैं। Pagume इथोपियन कैलेंडर का 13वां महीना होता है।
- इथोपिया में क्रिसमस भी 25 दिसंबर नहीं बल्कि 7 जनवरी को सेलिब्रेट की जाती है। इथोपियन कैलेंडर के हिसाब से एक साल में 365 दिन, 6 घंटे, 2 मिनट और 24 सेकंड होते हैं। 600 सालों में एक बार दो मिनट और 24 सेकंड्स एक पूरे दिन को जोड़ते हैं और सातवां दिन बनाते हैं। इसे इथोपियन रीना मेल्टा और रीना लेलिट कहते हैं। हर 600 साल में एक यूनिक तारा अदीक निकलता और सूर्य को ढंक देता है। यही यहां सूर्य ग्रहण कहलाता है।
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