लोन डिफॉल्टर्स के पासपोर्ट बैंक में सरेंडर करवाने का नियम बने: मद्रास हाईकोर्ट

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चेन्नई. मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को पासपोर्ट के नियमों में बदलाव का सुझाव दिया है। इसके मुताबिक बैंक और वित्तीय संस्थानों को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वो लोन डिफॉल्टर्स से पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए कह सकें।

मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस पी वैद्यनाथन ने सुझाव दिया कि लोन डिफॉल्टर्स को विदेश भागने से रोकने के लिए पासपोर्ट के नियम बदले जाने चाहिए। ताकि, लोन लेने वाला व्यक्ति कर्जदाता की जानकारी के बिना देश से बाहर नहीं जा सके।

  1. जस्टिस वैद्यनाथन के मुताबिक यह नियम भी होना चाहिए कि जब तक कर्ज का पूरा भुगतान नहीं हो जाए, लोन लेने वाले का पासपोर्ट नहीं सौंपा जाए। भुगतान नहीं करने की स्थिति में पासपोर्ट अस्थाई रूप से निलंबित भी किया जा सकता है।

  2. जज ने कहा कि पासपोर्ट रिन्यू करवाने के नियमों में भी संशोधन किया जा सकता है। इसके लिए बैंकों से या फिर संबंधित अदालत से जानकारी ली जानी चाहिए।

  3. जस्टिस वैद्यनाथन ने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए पासपोर्ट के नियमों में बदलाव के सुझाव दिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निरीक्षण के दौरान मौके पर नहीं मिली, बल्कि गाय के बाड़े में खाना बनाती हुई पाई गई। इस वजह से सरकार ने उसे निलंबित कर दिया। कार्यकर्ता ने बहाली के निर्देश जारी करने के लिए कोर्ट में अपील की थी।

  4. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मामले में यह पता चला वह विभाग को बताए बिना सिंगापुर गई थी। अदालत ने इसे ड्यूटी के प्रति इरादतन लापरवाही का मामला बताया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कम से कम दो महीने की सजा होनी चाहिए। लेकिन, याचिकाकर्ता के महिला होने का ध्यान रखते हुए अदालत ने एक हफ्ते के साधारण कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और उसके परिवार को राशन कार्ड और दूसरी सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का आदेश भी दिया।



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      HC suggests amendments in passport rules to prevent loan defaulters from fleeing

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